हमारी संस्थाएँ

पूर्व-प्राथमिक से उच्च शिक्षा और शोध तक — ट्रस्ट की संस्थाएँ हर आयु के विद्यार्थियों को मूल्य-आधारित, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करती हैं।

प्रारंभिक शिक्षा

ध्रुव बालक मंदिर

पूर्व-प्राथमिक · मातृभाषा में शिक्षा

ध्रुव बालक मंदिर हमारा स्वावलंबी पूर्व-प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम है, जो नवोन्मेषी खेल-आधारित पद्धतियों द्वारा मातृभाषा में सीखने पर बल देता है। यह पहल नन्हे विद्यार्थियों को पारंपरिक भारतीय मूल्यों से जोड़ते हुए उनके संज्ञानात्मक और सामाजिक कौशल विकसित करने में विशेष रूप से सफल रही है। कहानी-कथन, लोक-खेल और पारंपरिक कला-रूपों का समन्वय एक ऐसा शिक्षण वातावरण बनाता है जो सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और बच्चों के विकास के अनुरूप है।

सरस्वती शिशुवाटिका विद्या भारती

सरस्वती शिशुवाटिका

पूर्व-प्राथमिक · पंचकोशीय विकास

हमारी शिशुवाटिका विद्या भारती के प्रसिद्ध "पंचकोशीय विकास" प्रतिमान पर चलती है, जो बाल विकास के पाँचों आयामों — शारीरिक, भावनात्मक, सामाजिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक — पर ध्यान देता है। आधुनिक बाल्यकालीन शिक्षा पद्धतियों को पारंपरिक भारतीय शिक्षण प्रणालियों से जोड़ने वाले नवोन्मेषी पाठ्यक्रम के लिए इस शिशुवाटिका को विशेष पहचान मिली है। इसका समग्र दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है कि बच्चे केवल शैक्षणिक रूप से ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में रचे-बसे सर्वांगीण व्यक्तित्व के रूप में विकसित हों।

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प्राथमिक शिक्षा

सरस्वती विद्या मंदिर

कक्षा 1 से 4 · अनुदानित विद्यालय

सरस्वती विद्या मंदिर हमारी प्राथमिक शिक्षा की पहल है, जो कक्षा 1 से 4 तक अनुदानित शिक्षा प्रदान करती है। इस संस्था की विशेषता इसका संतुलित दृष्टिकोण है, जो कठोर शैक्षणिक प्रशिक्षण को व्यापक सह-शैक्षणिक गतिविधियों के साथ जोड़ता है।

उच्च शिक्षा

श्रीमती नरसम्मा कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय

श्रीमती नरसम्मा कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय

NAAC 'B' ग्रेड · संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय से संबद्ध

श्रीमती नरसम्मा कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय हमारी शैक्षिक सेवाओं का शिखर है, जिसे NAAC 'B' ग्रेड मान्यता प्राप्त है और जो संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय से संबद्ध है। विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों में 1,500 से अधिक विद्यार्थियों के साथ यह महाविद्यालय क्षेत्र में शैक्षणिक उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में स्थापित है। पारंपरिक कक्षा-शिक्षण के अतिरिक्त यह संस्था अत्याधुनिक शोध सुविधाएँ और उद्योग-अनुकूल कौशल विकास कार्यक्रम भी प्रदान करती है।

उपलब्ध पाठ्यक्रम

कला
  • कनिष्ठ महाविद्यालय (11वीं व 12वीं)
  • बी.ए.
  • एम.ए. — अर्थशास्त्र एवं राजनीति विज्ञान
विज्ञान
  • कनिष्ठ महाविद्यालय (11वीं व 12वीं) — कंप्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल
  • बी.एससी.
  • एम.एससी. — कंप्यूटर विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, गणित, रसायन विज्ञान, औद्योगिक रसायन विज्ञान
वाणिज्य
  • कनिष्ठ महाविद्यालय (11वीं व 12वीं)
  • बी.कॉम. (अंग्रेज़ी माध्यम)

शोध केंद्र

महाविद्यालय में एक शोध केंद्र और परीक्षण प्रयोगशाला भी है, जो विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को शोध एवं परीक्षण की सुविधाएँ प्रदान करती है।

आगामी संस्थाएँ एवं सुविधाएँ

स्व. श्री गजाननराव रहाटगांवकर स्मृति सभागृह आगामी

स्व. श्री गजाननराव रहाटगांवकर स्मृति सभागृह

दिसंबर 2026 · सौर ऊर्जा संचालित

आगामी स्व. श्री गजाननराव रहाटगांवकर स्मृति सभागृह हमारे परिसर की अधोसंरचना में एक महत्वपूर्ण वृद्धि है। दिसंबर 2026 तक पूर्ण होने वाली यह 450 सीटों की अत्याधुनिक सुविधा पूर्णतः सौर ऊर्जा से संचालित होगी। सभागृह परिसर में कई विशेष सुविधाएँ होंगी, जिनमें भारतीय ज्ञान अभ्यासिका (भारतीय ज्ञान केंद्र) शामिल है, जो पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणालियों का भंडार होगी। इसके अतिरिक्त इसमें पूर्णतः सुसज्जित प्रतियोगी परीक्षा तैयारी केंद्र और विद्यार्थियों के कार्य तथा स्थानीय सांस्कृतिक कलाकृतियों को प्रदर्शित करने वाली कला दीर्घा भी होगी।

नवभारत गुरुकुलम् आगामी विद्या भारती

नवभारत गुरुकुलम्

शैक्षणिक सत्र 2026-27 · मराठी-माध्यम CBSE

शैक्षणिक सत्र 2026-27 में आरंभ होने वाला नवभारत गुरुकुलम् भारत का पहला मराठी-माध्यम CBSE विद्यालय स्थापित करने का हमारा महत्वाकांक्षी उपक्रम है। यह नवोन्मेषी संस्था परिसर के भीतर समर्पित 3 एकड़ भूमि पर बनेगी। हमें महाराष्ट्र शासन से विद्यालय आरंभ करने की अनुमति प्राप्त हो चुकी है। वर्तमान में 39,000 वर्ग फुट के भवन का निर्माण चल रहा है, जो आगामी 20 महीनों में पूर्ण होगा। इस बीच, हम 2027 में विद्यालय आरंभ करेंगे। इसका पाठ्यक्रम पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणालियों को आधुनिक STEM विषयों से जोड़ेगा, जिनमें AI, रोबोटिक्स और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के विशेष कार्यक्रम शामिल हैं। इस परियोजना की विशेषता है — सांस्कृतिक जड़ों और मातृभाषा में शिक्षा को बनाए रखते हुए CBSE-स्तरीय शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता।

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